बुधवार, 31 मई 2023

फैसला बिहार में लिखित परीक्षा के आधार पर होगी एएनएम भर्ती

 फैसला बिहार में लिखित परीक्षा के आधार पर होगी एएनएम भर्ती

 
फैसला बिहार में लिखित परीक्षा के आधार पर होगी एएनएम भर्ती

● पूर्णिया एयरपोर्ट पर सिविल एन्क्लेव के लिए बीच एमओयू को मिली स्वीकृति

● मद्य निषेध के सिपाही संवर्ग के लिए भागलपुर व सहरसा में ग्रुप सेंटर को पदों की स्वीकृति

● जमुई के खैरा में मेडिकल कॉलेज के लिए 27 एकड़ जमीन हस्तांतरित

● त्रिवेणीगंज, सुपौल के तत्कालीन सीओ ध्रुव कुमार को बर्खास्त करने की स्वीकृतिबिहार में एएनएम (आक्जीलियरी नर्स मिडवाइफ) की बहाली अब लिखिल परीक्षा के आधार पर होगी। साथ ही इनका संवर्ग अब राज्य स्तर पर होगा। अब-तक संवर्ग जिलास्तर पर होता था।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में इसकी स्वीकृति दी गई। बैठक के बाद कैबिनेट के अपर मुख्य सचिव डॉ. एस सिद्धार्थ ने प्रेस कांफ्रेस में इसकी जानकारी दी। कहा कि अब-तक एएनएम की नियुक्ति अंकों और काउंसिलिंग के आधार पर एएनएम की नियुक्ति होती थी। बिहार महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता (एएनएएम) संवर्ग नियमावली 2018 को निरस्त करते हुए बिहार महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता नियमावली 2023 को कैबिनेट ने स्वीकृति दी है। मालूम हो कि वर्तमान में करीब 11 हजार पदों पर एएनएम की नियुक्ति की अधियाचना तकनीकी सेवा आयोग को भेजा गया है। इस नियुक्ति पर लिखित परीक्षा का निर्णय लागू नहीं होगा। आगे से जो नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू होगी, उसपर नया निर्णय लागू होगा।

शुक्रवार, 19 मई 2023

शिक्षकों के लिए:-

गुरुवार, 4 मई 2023

जातीय गणना पर हाई कोर्ट की रोक लगी

जातीय गणना पर हाईकोर्ट की रोक

पटना। पटना हाईकोर्ट ने जाति आधारित गणना पर फिलहाल रोक लगा दी है। कोर्ट ने राज्य सरकार को जाति आधारित सर्वे तुरंत बंद करने का आदेश दिया। साथ ही यह सुनिश्चित करने को कहा कि एकत्र किए गए डाटा सुरक्षित रखें और किसी भी हाल में अंतिम आदेश पारित होने तक किसी के साथ इसे साझा नहीं करें।

मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति के विनोद चन्द्रन और न्यायमूर्ति मधुरेश प्रसाद की खंडपीठ ने गुरुवार को एक साथ पांच याचिका पर सुनवाई कर 31 पन्ने का अपना अंतरिम आदेश दिया। कोर्ट ने इन सभी मामलों पर आगे की सुनवाई के लिए 3 जुलाई की तारीख तय की है। कोर्ट के अंतरिम आदेश के कुछ घंटे बाद ही सामान्य प्रशासन विभाग ने गणना पर रोक का आदेश जारी कर दिया।

सीधे कानून बना देना चाहिये था कोर्ट ने सर्वे और जनगणना में अंतर बताते हुए कहा कि सर्वे में किसी खास का डाटा इकट्ठा कर उसका विश्लेषण किया जाता है, जबकि जनगणना में प्रत्येक व्यक्ति का विवरण इकट्ठा किया जाता है। कोर्ट ने कहा कि जब विधायिका के पास कानून बनाने की शक्ति है तो फिर क्यों दोनों सदनों से जाति आधारित सर्वे प्रस्ताव को पारित करा कैबिनेट से मंजूरी ली गई। विधायिका को जाति आधारित सर्वे करने के लिए सीधे कानून बना देना चाहिये था। कोर्ट ने कहा कि जाति आधारित सर्वे एक प्रकार की जनगणना है। जनगणना करने का अधिकार सिर्फ केन्द्र सरकार के पास है। राज्य सरकार जाति आधारित सर्वे नहीं करा सकती है। कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि यह मौलिक अधिकार से जुड़ा मामला है। बता दें कि सात जनवरी से जातीय गणना शुरू हुई थी।

कोर्ट के अंतरिम आदेश से भाजपा खुशतेजस्वी

उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव ने पटना उच्च न्यायालय की खंडपीठ द्वारा राज्य में जातीय गणना के संबंध में दिए गए अंतरिम आदेश पर कहा कि इससे भाजपा खुश होगी, लेकिन, जातीय गणना से सबका भला होगा।

फैसले को पढ़ने के बाद राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने के बारे में निर्णय लेगी। प्रथम दृष्टया यह कोई मामला बनता ही नहीं है राज्य सरकार गहन विचार के बाद जाति सर्वेक्षण करा रही है।

-पीके शाही, महाधिवक्ता

जाति आधारित सर्वे एक प्रकार की जनगणना है। जनगणना करने का अधिकार सिर्फ केन्द्र सरकार के पास है। राज्य सरकार जाति आधारित सर्वे नहीं करा सकती है। -हाईकोर्ट

सरकार जाति सर्वेक्षण करा रहीमहाधिवक्ता

आवेदकों की ओर से उठाये गए सभी सवालों का जवाब महाधिवक्ता पीके शाही ने पूरी मजबूती से कोर्ट में रखा। उन्होंने कहा कि अभी तक 80 प्रतिशत काम पूरा हो गया है। इसके लिए आकस्मिक निधि से एक पैसा भी नहीं निकाला गया है। इसके लिए बजाप्ता बजटीय प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया यह कोई मामला बनता ही नहीं है कि आवेदकों को अंतरिम आदेश दिया जाए। राज्य सरकार गहन विचार के बाद जाति सर्वेक्षण करा रही है। उन्होंने गोपनीयता भंग होने के सवाल पर जवाब देते हुए कहा कि जाति का खुलासा करना गोपनीयता का उल्लंघन नहीं है। देखें P 02

सर्वे की आड़ में जाति गणना याचिकाकर्ता

इससे पहले आवेदकों की ओर से अधिवक्ता अभिनव श्रीवास्तव तथा धनंजय कुमार तिवारी ने कोर्ट को बताया कि जनगणना करने का अधिकार किसके पास है। उन्होंने कहा कि सिर्फ केंद्र सरकार को जनगणना करने का अधिकार है। राज्य सरकार जातिगत सर्वेक्षण की आड़ में जातिगत गणना नहीं करा सकती। वहीं अधिवक्ता दीनू कुमार ने आकस्मिकता निधि से 500 करोड़ रुपये खर्च करने का मुद्दा उठाते हुए कहा कि राज्य सरकार को इस निधि से खर्च करने के पूर्व वित्त विभाग से अनुमति लेनी है। अधिवक्ता शाश्वत ने ट्रांसजेंडरों की ओर से मुद्दा उठाते हुए कहा कि ट्रांसजेंडरों की व्यक्तिगत पहचान है।

सरकार ने सही तरीके से पक्ष नहीं रखातारकिशोर

पूर्व उपमुख्यमंत्री व वरिष्ठ भाजपा नेता तारकिशोर प्रसाद ने कहा, जाति आधारित गणना पर पटना हाईकोर्ट द्वारा तत्काल रोक लगाये जाने से यह साफ होता है कि राज्य सरकार ठीक ढंग से अपना पक्ष नहीं रख सकी है। जातीय गणना को लेकर राज्य सरकार गंभीर नहीं है।

बुधवार, 3 मई 2023

इंटीग्रेटेड बीएड के लिए पोर्टल खुला

 इंटीग्रेटेड बीएड के लिए पोर्टल खुला

 

भागलपुर। एनसीटीई ने नई शिक्षा नीति (एनईपी) के तहत चार वर्षीय इंटीग्रेटेड बीएड कोर्स शुरू करने के लिये आवेदन मांगा है। यह आवेदन एक मई से 31 मई तक किया जा सकेगा। इसके लिये पोर्टल को खोल दिया गया है।

इस चार वर्षीय इंटिग्रेटेड बीएड कोर्स शुरू करने के लिए टीएमबीयू के सभी कॉलेजों को आवेदन करना है। हालांकि पहले भी तीन कॉलेजों टीएनबी कॉलेज, मुरारका कॉलेज सुल्तानगंज और ताड़र कॉलेज ताड़र ने इसके लिये प्रस्ताव दिया था। लेकिन उसे अस्वीकृत कर दिया गया था।

टीएमबीयू के कॉलेज इंस्पेक्टर डॉ. संजय कुमार झा ने कहा कि तीनों कॉलेज तक निर्धारित समय के अंदर आवेदन करने में असफल रहे थे। डॉ. झा ने कहा कि राज्य में जुलाई से प्रभावी होने जा रही नई शिक्षा नीति में अब स्नातक की पढ़ाई करा रहे कॉलेजों को भी बीएड की पढ़ाई करानी होगी।

जानकारी हो कि टीएमबीयू भले अभी आवेदन करने वाला है लेकिन बिहार में पांच साल पहले बीआरए बिहार विवि मुजफ्फरपुर में यह कोर्स शुरू हुआ था। जबकि अन्य कॉलेज इस तरह के कोर्स नहीं शुरू कर पाये हैं।

मंगलवार, 2 मई 2023

बीपीएससी से बहाली होने वाली शिक्षकों का वेतन मान जारी

शिक्षकों के पद 178026 ● वेतन 40 से 51 हजार
बीपीएससी से शिक्षकों की भर्ती को पद-वेतनमान मंजूर मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में फैसला
बीपीएससी से शिक्षकों की भर्ती को पद-वेतनमान मंजूर
बीपीएससी से शिक्षकों की भर्ती को पद-वेतनमान मंजूर
बीपीएससी से शिक्षकों की भर्ती को पद-वेतनमान मंजूर
बीपीएससी से शिक्षकों की भर्ती को पद-वेतनमान मंजूर
बीपीएससी से शिक्षकों की भर्ती को पद-वेतनमान मंजूर
बीपीएससी से शिक्षकों की भर्ती को पद-वेतनमान मंजूर

पंचायतों में बहाल होंगे 6570 आईटी सहायक

हर ग्राम पंचायत में अब लेखा सह आईटी सहायक होंगे। इसको लेकर 6570 इनके नये पद सृजित किये गये हैं। पूर्व से लेखा सह आईटी सहायक के 2096 पद सृजित हैं, जिसके विरुद्ध नियुक्ति भी की गई है। पूर्व में तय किया गया था कि चार ग्राम पंचायतों पर एक लेखा सह आईटी सहायक होंगे, पर अब सभी पंचायतों में इनकी तैनाती होगी।

● 1-5 के 85477, 6-8 के 1745, 9-10 के 33186 व 11-12 के 57,618 पद

● इसी माह प्रकाशित हो सकता है शिक्षकों की बहाली के लिए विज्ञापन

विवि शिक्षकों-कर्मियों के लिए राशि जारी

राज्य सरकार ने 13 विश्वविद्यालयों के कार्यरत व रिटायर शिक्षकों व शिक्षकेत्तर कर्मियों के वेतन व सेवांत लाभ के लिए 820.60 करोड़ रुपए जारी किये हैं। इसमें पटना विवि के लिए 54.55 करोड़, बीएन मंडल विवि मधेपुरा के लिए 63.40 करोड़, तिलका मांझी विश्वविद्यालय भागलपुर के लिए 86.42 करोड़ पूर्णिया विवि के लिए 22.13 करोड़ रुपए जारी कर दि गए।

प्राथमिक वेतनमान डीए एचआरए सीटीए मेडिकल कुल

नियोजित 21,290 8941 1703 2130 1000 35,064

नया वेतन 25,000 10,500 2000 2130 1000 40,630

मध्य वेतनमान डीए एचआरए सीटीए मेडिकल कुल

नियोजित 22,480 9441 1798 2130 1000 36,849

नया वेतन 28,000 11,760 2240 2130 1000 45,130

माध्यमिक वेतनमान डीए एचआरए सीटीए मेडिकल कुल

नियोजित 22,480 9441 1798 2130 1000 36,849

नया वेतन 31,000 13,020 2480 2130 1000 49,630

उच्च माध्यमिक वेतनमान डीए एचआरए सीटीए मेडिकल कुल

नियोजित 23,650 9933 1892 2130 1000 38,605

नया वेतन 32,000 13,440 2560 2130 1000 51,130

पटना। राज्य सरकार ने नई नियमावली के तहत बहाल होने वाले शिक्षकों के वेतनमान तय कर दिये हैं। साथ ही नये एक लाख 78 हजार 26 पदों का सृजन भी किया गया है। इन नये पदो पर नियुक्ति बिहार लोक सेवा आयोग के माध्यम से होगी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में इसकी स्वीकृति दी गई। कुल 18 प्रस्तावों को कैबिनेट ने मंजूरी दी।

बैठक के बाद कैबिनेट के अपर मुख्य सचिव डॉ. एस सिद्धार्थ ने इसकी जानकारी दी। सबसे अधिक प्राथमिक (कक्षा1-5) के शिक्षकों के 85,477 पद सृजित हुए हैं। वहीं, मध्य विद्यालय (कक्षा 6-8) के 1745, माध्यमिक (कक्षा 9-10) के 33,186 और उच्चतर माध्यमिक (कक्षा 11-12) के 57,618 पद सृजित किए गए हैं। वहीं, पूर्व की नियमावली के तहत सृजित 1,78,026 पदों को प्रत्यर्पित किया गया है। इनमें पंचायत व नगर प्रारंभिक के 79,943 पद मरणशील हो गये थे।

नई नियमावली के तहत बहाल शिक्षक राज्य सरकार के कर्मचारी होंगे, जिनके खाते में सीधे ट्रेजरी से वेतन का भुगतान होगा। प्राथमिक शिक्षकों के मूल वेतन के साथ ही 42 प्रतिशत महंगाई भत्ता (डीए), आठ प्रतिशत एचआरए, सीटीए 1500 और 1000 मेडिकल प्रतिमाह मिलेगा। इस तरह प्राथमिक से उच्चतर माध्यमिक तक के शिक्षकों को प्रतिमाह 40 हजार से 51 हजार वेतन मिलेगा। इसके अतिरिक्त 14 प्रतिशत शिक्षकों के पेंशन में राज्य सरकार अंशदान देगी, जो प्रतिमाह 3500 से 4500 तक की होगी। पेंशन की राशि को जोड़ दें तो कुल वेतन और बढ़ जाएगा। राज्य सरकार के इस निर्णय से सालाना 11 हजार करोड़ खर्च होंगे। प्राथमिक शिक्षकों का मूल वेतन 25 हजार, मध्य विद्यालय का 28 हजार, माध्यमिक का 31 हजार और उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के शिक्षकों का मूल वेतन 32 हजार तय किया गया है। शिक्षकों की नियुक्ति के लिए इसी माह विज्ञापन प्रकाशित किया जा सकता है। 

Source हिंदुस्तान

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